Tulsidas or Ram naam Mahima Story

Tulsidas or Ram naam Mahima Story

(तुलसीदास राम नाम महिमा की कथाएँ)

Tulsidas ji ne Ram naam ki anant mahima gaai hai. Aaiye padhiye-

तुलसीदास जी अस्सी घाट पर राम कथा कहते थे। और लोग आस पास के गांव से कथा श्रवण करने आते थे। एक बार प्रतिदिन की तरह कथा हो रही थी। तुलसीदास जी कथा करते करते इतने डूब गए की होश ही नही रहा और अँधेरा हो गया। कथा का विश्राम हुआ। सभी भक्त लोग जाने लगे। तब एक व्यक्ति तुलसीदास जी के पास आया और बोला की गुरुदेव अब तो रात्रि हो गई है। मैंने घर कैसे जाऊ? क्योकि मुझे नदी को पार करना पड़ता है। और इस समय कोई केवट भी नहीं मिलेगा न नाव होगी। और घर पर परिवार वाले ,मेरा इंतजार कर रहे होगे।

तुलसीदास जी ने कहा तू क्यों चिंता करता है। अभी इंतजाम कर देता हूँ। तुलसीदास जी अंदर गए और बाहर आकर एक कागज बंद करके उस व्यक्ति के हाथ में थमा दिया।
तुलसीदास कहते है भैया, तू इस कागज को मुट्ठी में बंद करके रखना और तू नदी पार कर लेगा।

व्यक्ति अब नदी के अंदर जैसे ही जाने लगा संत की कृपा देखिये वो पानी पर चल रहा है। बड़ा खुश हो रहा है। लेकिन जैसे ही बीच रस्ते में पहुंचा उसके मन में शंका हो गई की भला इस कागज के टुकड़े में क्या शक्ति है? क्या में इसे खोलकर देखू?

दूर दूसरे छोर पर तुलसीदास जी उसे देख रहे थे। उस व्यक्ति ने कागज खोला और देखा तो उस पर राम नाम(Ram Naam) लिखा था। उसके मन में शंका आ गई। अरे! तुलसीदास जी ने तो बस राम नाम लिखा है। केवल राम। ऐसे तो मैं डूब सकता हूँ।

जैसा ही उसने ये सोचा और लगा डूबने। दूर खड़े तुलसीदास ने देखा तो नदी में कूदकर जैसे तैसे जान बचाई। और वो व्यक्ति कहता है गुरुदेव मुझे माफ़ कर दो। मैंने राम नाम में शंका जाहिर की।

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तुलसीदास फिर बोले है। तूने सोचा इसमें बस राम नाम लिखा है। केवल राम। तो सुन मेरे भाई-

राम नाम बस राम नाम , राम ही है केवल नाम
राम नाम तारे भव सागर , बिगड़े बना दे सबके काम।।

भाई , राम नाम ही काफी है(Ram Naam hi kafi Hai)। सब कुछ करने में सक्षम है राम नाम।

तो ऐसी महिमा है श्री राम नाम की। हम राम नाम जपते तो है। विश्वास भी हो जाता है लेकिन विश्वास दृढ नही हो पता और विश्वास टूट जाता है। हनुमानजी को देखिये राम नाम के सहारे सब काम कर दिए। संजीवनी पर्वत ले आये। सीता माता की खोज की। समुद्र लांग गए। सब काम राम नाम ने ही किये है। कभी राम जी के प्रति शंका ना करना।

प्रेम से कहिये जय श्री राम।। Prem se kahiye Jai Shri Ram

Ram naam Ki Mahima(राम नाम महिमा)

“तुलसी अपने राम को रीझ भजो के खीझ।
उलटो सीधो ऊगिहैं खेत परे जो बीज॥”

Tulsi apne ram ko reejh bhajo chahe kheej
ulto sidho ugehi khet pare so beej.

तुलसीदास जी कहते है आप अपने इष्ट को चाहे रीझ कर भजो चाहे खीज कर। बस भज लो। क्योंकि राम नाम में बहुत ताकत है ये फल जरूर देगा। जिस प्रकार खेत में बीज को उल्टा डालो या सीधा वो उग ही जाता है। इसी तरह राम नाम भी फलदायक है।

आपका मन करे तब भी राम भजो ना करे तब भी भजो। आपको लाभ जरूर होगा।

भायँ कुभायँ अनख आलसहूँ । नाम जपत मंगल दिसि दसहूँ ॥ (मानस १।२८।१)

Bhaay kubhaye anakh aalshu. naam japat mangal disi dashu

भगवान्‌का नाम अवहेलना, संकेत, परिहास आदि किसी भी प्रकारसे लिया जाय, वह पापोंका नाश करता ही है।

Tulsidas or Meerabai(तुलसीदास और मीराबाई )

महात्मा बेनी माधव दास ने मूल गोसाईं चरित में मीराबाई और तुलसीदास के पत्राचार का उल्लेख किया किया है। अपने परिवार वालों से तंग आकर मीराबाई ने तुलसीदास को पत्र लिखा।

स्वस्ति श्री तुलसी कुलभूषण दूषन- हरन गोसाई।
बारहिं बार प्रनाम करहूँ अब हरहूँ सोक- समुदाई।।
घर के स्वजन हमारे जेते सबन्ह उपाधि बढ़ाई।
साधु- सग अरु भजन करत माहिं देत कलेस महाई।।
मेरे माता- पिता के समहौ, हरिभक्तन्ह सुखदाई।
हमको कहा उचित करिबो है, सो लिखिए समझाई।।

मीरा के पत्र के उत्तर में विनयपत्रिका(Vinay Patrika) का निम्नांकित पद की रचना की गई।

जाके प्रिय न राम वैदेही
तजिए ताहि कोटि बैरी सम, जद्यपि परम सनेही ।

नाते सबै राम के मनियत सुह्मद सुसंख्य जहाँ लौ।
अंजन कहा आँखि जो फूटे, बहुतक कहो कहां लौ।।

Jaanke priye ne ram vedehi
tajiye tahi koti beri sam jadhpi param snehi

तुलसीदास जी ने कहा की-आपका कोई कितना भी प्यारा क्यों ना हो, अगर वह भगवन से प्रेम नहीं करता है तो उसे करोड़ बेरियों(दुश्मनों) के समान त्याग देना चाहिए।

यह उतर पाकर मीरा बाई जी वृन्दावन चली आई थी। जहाँ उनका काफी सम्मान किया गया।

Tulsidas or Meera Bai ji ki jai 

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12 thoughts on “Tulsidas or Ram naam Mahima Story

    • Good.. Agar koi sacche mann se bhagwan ke bare me kuch bhi padhega or sunega to bhagwan us par kripa karege… or Bhagwan me vishwas badhta hi jayega….

  1. ते मतिमंद जे राम तजि भजई जाइ प्रभू आन – the persons who worship lower gods leaving Ram, are stupid/fools.

  2. shree ram naam me bahut shakti h mane thake par kheti li thi or us me anaj bo diya lakin anaj theek nahi jama to me fikar me pad gaya ki agar anaj nahi hua to kheti me lagi lagat bhi vapis nahi hogi fir mane socha ki jo kuch bhi hoga sab shree ram ke kripa se theek hoga jase prabhu ki marji lekin us se agle din mere tau gi ke ladke ne mujse kha ki jo tune khet liya tha us me anaj kasa h mane kha bhai mahenat bhi vapis nahi hogi bhai ne kha bhai ne bata ya ki tu us me thodi si mehanet kar le to jo bhai ne mujhe bata ya mane vohi kiya or shree ram ki kripa se anaj bhaut bhadiya ho gaya pata nahi kha se ho ghaya iss liye me kaheta ho ki mahenat karo fal ki chinta mat karo jo bhi prabhu karenge theek hi karenge jai shree ram jai hanuman jai sia ram jai jai sia ram

    • waah ji waah…. bus yahi to kripa hai hamare ram ji ki.. vo kripa karne ke liye taiyar bethe rehte hai. mujhe bahut khusi hui aapki baat jaankar. Jai Siyaram 🙂

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