Morari Bapu Quotes and Thoughts : Part 7

Morari Bapu Quotes and Thoughts : Part 7

मोरारी बापू के अनमोल वचन और विचार : पार्ट 7

 

मोरारी बापू द्वारा 2 दिसंबर 2017 से 10 दिसंबर तक राम कथा गाई गई। जिसका विषय रहा मानस शहीद। जो कथा गुजराती में थी। लेकिन इस मानस शहीद कथा के कुछ अंश रूपा दीदी(Rupa didi) द्वारा हिंदी में लिखे गए। उन्हीं में से कुछ आपके सामने है। मन लगाकर पढ़िए, आपको लगेगा जैसे मोरारी बापू ही बोल रहे हैं।

 

कह अंगद बिचारि मन माहीं। धन्य जटायू सम कोउ नाहीं॥ राम काज कारन तनु त्यागी। हरि पुर गयउ परम बड़भागी॥

 

  1. सूरत में हुई पिछली कथा के तुरंत बाद …मेरे पास ये प्रस्ताव आता रहा कि जो वीर जवान हमारे राष्ट्र की सेवा में समर्पित हुए हैं …उनके परिवार के लिये …1 बहुत ही शिव संकल्प लिया गया कि बापू …उनके लिये 1 कथा ऐसी करनी है कि राष्ट्र के लिये जिसने शहीदी प्राप्त की है उनके परिवार जनों की सेवा के लिये …अपने फर्ज के नाते 1 कथा सूरत में हो और उसमें जो राशी एकत्रित हो …वो शहीदों के परिवार के लिये हो …..

 

 

  1. मैं सोच रहा था ..इस कथा का विषय मैं क्या लूँ ?…तब मुझे हुआ कि राम चरित मानस के सातों कांड में …अलग अलग संदर्भ में …अलग अलग प्रकार से …किसने किसने शहीदी प्राप्त की है …उन पात्रों को नमन करके …मुझे मेरे देश के शहीदों के बारे में बात करनी है …..
    इसलिये इस कथा का नाम मैं …मानस शहीद दे रहा हूँ ….
    हमारे शहीदों को …हम सबकी तरफ से …व्यास्पीठ को जोड़कर …हम ये 1 सबसे बड़ी अंजली देने जा रहे हैं …..

 

  1. व्यास्पीठ को कोई अपने स्वार्थ के लिये उपयोग ना करें ….ऐसी मेरी प्रार्थना है ….
    ये व्यास्पीठ है …ये सत्य की पीठ है ….ये प्रेम की पीठ है ….ये करुणा की पीठ है .

 

  1. ये तो वैश्विक रामकथा है ….यहाँ तो सब का स्वीकार है …..अाओ….अाओ….अाओ….

 

  1. मेरी तलगाजरड़ी दृष्टि के अनुसार …शहीदी 5 प्रकार की होती है और ये 5 का दर्शन राम चरित मानस में मिलता है ……
    1…आप अपने परिवार में ….परिवार को बचाने के लिये ….उसको अनेक संकटों से बाहर लाने के लिये …आप जब कुर्बानी देते हो …सब छोड़ कर आप जब समझौता करते हो …समर्पण और बलिदान करते हो …तब ये पारिवारिक शहीदी है …..
    2…पूरे समाज के लिये जिसने बलिदान दिया हो…कुर्बानी दी हो …खुद हकदार हो …अधिकारी हो ….फिर भी समाज के कल्याण के लिये जो सब कुर्बान कर दे …वो समाज के लिये शहीदी है …..
    3…पूरे राष्ट्र के लिये जिसने बलिदान दिया हो… सरहद पर जिसने कुर्बानी दी हो ….ये राष्ट्रीय शहीदी है …..
    4…पूरे विश्व के लिये जिसने कुर्बानी दी हो …वो वैश्विक शहीदी है …..
    5…ब्रह्मांडीय शहीदी ….राम क्या हैं ?…समस्त ब्रह्मांड हैं …..उसके लिये शहीदी दी हो …जैसे कि जटायू ने दी …..

 

  1. वंदनीय लाल बहादुर शास्त्रीजी ने हम सबको 1 सूत्र दिया था ….जय जवान …जय किसान….
    इसमें फिर 1 और सूत्र आया …जय विज्ञान …..डाक्टर कलाम साहब …और आदर्णीय अटल बिहारी वाजपयी साहब उन्होंने ये सूत्र दिया ….
    इस देश का वासी होने के और आप सबका मोरारी बापू होने के नाते मुझे इसमें 1 और सूत्र मिलाना है …जय जवान ..जय किसान ..जय विज्ञान …..और जय ईमान …….
    ईमानदारी आये हर एक क्षेत्र में …ईमानदारी का उदघोष हो …व्यक्ति से लेकर वैश्विक स्तर पर ……

 

  1. एक साधु को 1 जिज्ञासु ने ऐसा प्रश्न पूछा कि आपकी दृष्टि में ..हे साधु पुरूष ….शहीद….सैनिक…की व्याख्या क्या है ?….
    साधु ने कहा …मेरी समझ में मेरे देश के सैनिक के ये लक्षण हैं …ये सभी साधु के भी लक्षण हैं ….साधु भी 1 परम सैनिक होता है …उसको दूसरी border …दूसरी सरहदें संभालनी होती है …..
    1…वो जानता हो सब ….लेकिन वो बोलता नहीं ….राष्ट्र का रहस्य कभी खोले ना ….अध्यात्म का पहला लक्षण है वचन विवेक ….
    2…वो पंडित नहीं होता लेकिन बहुत समझदार होता है ….
    3…वो सच्चा हो …लेकिन दंभ नहीं करता हो ….दिखावा नहीं करता ….
    4…जो दूसरे के नुक़सान …उसकी हानि को अपने सिर पर ले लेता है ….
    5…जो हनुमानजी की तरह पीछे रहे …..

 

 

  1. ये शहीदों की शोक सभा नहीं ….ये स्मृति सभा है …..ये उनके स्मरण की सभा है …उनके स्मरण का ये उत्सव है ….

 

 

  1. कर्ण भी 1 शहीद ही है ….
    तुम सच्चे हो और तुम्हारा कोई अपमान करे ना तो ये तुम्हारी शहीदी है ….तुम चुपचाप पी जाओ ना(अपमान का विष )ये तुम्हारी कुर्बानी है ….
    क्षमता हो फिर भी हँसते ..हँसते क्षमा करे …वो शहीद है ….
    गुरू के पास शिष्य शहीद हो ….मतलब क्या ?…मर जाये ?…नहीं…….
    मन..वचन….कर्म से शरणागती …ये शहीदी है …..

 

  1. कुछ लेने के लिये तुम किसीको धन्यवाद दो ना …तो तुमने तुम्हारे धन्यवाद को बेचा है ….
    धन्यवाद …हृदय प्रदेश की उपज है ….
    विवेक की आँखों से देखकर किये गये मूल्यांकन का उच्चार है धन्यवाद …..कि इसको धन्यवाद दिया जाये ….
    धन्यवाद ये बहुत महिमावंत शब्द है ….

 

 

  1. धन की 3 गति है बाप …..
    1…दान ….धन की उत्तमोत्तम गति यदि कोई है तो वो है दान ….दान में दिया हुआ पैसा पूरे परिवार को आशिर्वाद देते हुए जाता है …..
    2…भोग…..ये भी ठीक है कि भगवान ने धन दिया हो तो बच्चे आनंद करें …मौज करें …लेकिन अतिशय भोग नहीं …..
    3…नाश …धन का खुद भी नाश होता है और वो धनवान का भी नाश करता है …..

 

  1. संकल्प पवित्र हो …और संकल्प लेने वाला संकल्प से भी ज़्यादा पवित्र हो ….तो उसको पूरा करना ये ईश्वर की ज़िम्मेदारी हो जाती है ….

 

  1. एक वस्तु …मेरे युवान भाई बहन ….कैसी भी परिस्थिती आये ना …..मुस्कुराहट कभी भी छोड़ना नहीं …..
    तुम माला छोड़ दोगे तो भी मुझे आपत्ति नहीं ….लेकिन मुस्कुराना बंद मत करना ….1 प्रसन्नता ….1 स्मित …..

 

  1. मरना तो 1 शहीदी है ही ….लेकिन सबके बीच में जी जाना …ये भी 1 बड़ी शहीदी है …..
    सभी अवरोधों के बीच में …तुम हँसते हँसते ..जीते जाओ ……ये भी 1 बड़ी शहीदी है …..

 

  1. खलिल जिब्रान ने 1 सुंदर प्रार्थना की है …1 छोटी सी ….वो करने जैसी है …..वो कहते हैं कि …..हे परमात्मा मेरे हाथों से किसी भेड़िये का शिकार हो …..उसके पहले किसी शेर का शिकार मुझे बन जाने देना …..
    मैं किसी छोटे आदमी का नुक़सान करूँ …उसके पहले …मुझे कोई हरा दे …ऐसी तू मुझपर कृपा करना

 

  1. शादीशुदा सब शहीद ही हैं …..उनका भी सन्मान होना चाहिये ….
  2. जहाँ बैठना हो वहाँ बैठना ….लेकिन संत कहते हैं कि दोरंगे के साथ मत बैठना …..
    तुम्हारे सामने कुछ और रूप हो और तुम्हारे पीछे कुछ अलग रूप हो ……ऐसे दोरंगे के साथ नहीं बैठना चाहिये ….

 

  1. कभी कोई सच्चा साधु हमारे आँगन में आ जाये ना …और तुम्हारे घर से वो रोटी माँगकर खाये ना …उस दिन याद रखना ….याद रखना ….याद रखना ….वो तुम्हारी रोटी नहीं खाता …….तुम्हारी चिंता और तुम्हारे पाप कृत्यों को खाता है ……
  2. सच्चे संत को शक्तिपात के नाटक नहीं करने पड़ते …….
    उसकी आँखें ही …जनम जनम की जड़ता को तोड़ डालती हैं …..और ऐसे ही प्रगट हो जाती है ….

 

  1. जिस दिन तुम अपने भजनानंदी पूर्वजों को याद करो ना ….उस दिन समझना तुम तीर्थ में स्नान कर रहे हो …..उस दिन तुम्हारे चारों ओर गंगा …यमुना ….त्रिवेणी घूमती है …..
    नारद भक्ति सूत्र में लिखा है …हरि को याद करते करते …तुम्हारी आँखों में आँसू आयेंगे ….उस दिन तुम्हारे पितृ स्वर्ग में नृत्य करते हैं ….नाचते हैं ……

 

  1. होंशियारी ….अध्यात्म में विघ्न है …..
    अध्यात्मिक आदमी को कभी खेल नहीं खेलने चाहिये ….
    जितनी मात्रा में वो खेल खेलेगा ….उसको 1 वक्त पर पीछे कदम लेने पडेंगे …….सफलता कभी नहीं मिलेगी …..

 

  1. अंगद ने व्याख्या की …जटायू शहीद की ….
    कि शहीद कौन ?…..
    1…जिसको लगे कि मेरे जीवन की धन्यता इसी शहीदी में है ….
    2….राम के कार्य में जिसने शरीर त्यागा हो …वो शहीद …हराम के काम में नहीं…..
    3…जिसकी दुर्गती होती ही नहीं….वो हरि के धाम में ही जाये …..
    4…बडभागी नहीं ….अतिशय बडभागी नहीं ….लेकिन विश्व जिसको परम बडभागी कहे …वो शहीद है ….

 

  1. 1 विनंती करूँ साहब …तिरस्कार मत करना …लेकिन …जो शिव अपराध करे …और माँ दुर्गा का अपराध करे ना …उसके पास …बिना काम के ..ज़्यादा देर बैठना नहीं ….
    उपेक्षा नहीं …तिरस्कार नहीं ….आये तो स्वागत करना …चाय पानी पिलाना लेकिन जो माँ का अपराध करे …महादेव का अपराध करे उसके पास ज़्यादा बैठना नहीं ….
    उपेक्षा नहीं …ध्यान देना …लेकिन मातृ शक्ति को जो ना माने …शिव तत्व को जो ना स्वीकारे…राम को ..कृष्ण को ..जो ना स्वीकारे …उनके साथ बैठना नहीं ….
    जहाँ गंगाजल की निंदा होती हो …
    कोई भी धर्मग्रंथ की निंदा होती हो ….लेकिन वो सदग्रंथ होना चाहिये …वेदादिग्रंथ …रामायण …महाभारत आदि ग्रंथ …..वहाँ बैठना नहीं चाहिये ….

 

  1. शरणागती ही प्रपत्ती है …उसके बाद है भक्ति ….और उसके बाद जो बचता है …वो है ….हरि नाम …….
  2. युवान भाई बहनों …गलत विचारों को स्थगित करो …..और जो सच्ची बात सुनो …उसको स्थापित करो …..ये सूत्र याद रखना …….
    गलत विचार आये तो उसको हम हटा नहीं सकते ….लेकिन कम से कम ….कथा सुनने के बाद …उसको स्थगित करो ………
    और किसी साधु के पास से कोई सुंदर विचार मिले तो उसको स्थापित करो …कि इसको मैं छोडूँ नहीं …….

 

  1. गजब है सूरत …..ये तो राम ही सबको ऐसे यहाँ मिला सकता है …..
    तुम में से कोई यहाँ आना नहीं …लेकिन ज़रा यहाँ आकर देखो तो पता चले …..यहाँ से सभा को देखो तो सही …..लेकिन आना मत ..खबरदार ….मेरी आँखों से देखो …..
    कोई मेरी आँखों से देखे तो समझे …
    कि तुम मेरे क्या हो …कि तुम मेरे क्या हो …….

 

  1. आदमी के मन में ऐसा 1 भाव जगना चाहिये …कि हम इस देश के लिये …हमारी इस सुंदर पृथ्वी के लिये …हमारे इस खूबसूरत अस्तित्व के लिये …कुछ किये बिना अगर मर जायें …उसका 1 अफसोस होना चाहिये …..

 

  1. सिर्फ आहार का फर्क है …वरना ..महाभारत का जटायू …भीष्म है …ऐसा कह सकते हैं …..
    और रामायण का भीष्म ….जटायू है ….ऐसा कहा जा सकता है …..

 

  1. राम सत्य है ……
    कृष्ण प्रेम है……
    शिव करुणा है …..
  2. तुलसी के ग्रंथ की तुलना में आना मुश्किल है बाप …..
    तुम राम चरित मानस को शांति से पढ़ना …पाठ करना ….तुम्हारे थैले में राम चरित मानस रखना ….पढ़ना ….और ना समझ में आये तो ………………मैं ज़िन्दा हूँ तब तक आते रहना …और सुनते रहना साहब ……

 

  1. शेर सुनिये ….
    मैं तो हुस्न हूँ …मेरा रूठना लाज़िम है ….
    आप तो इश्क हो …ज़रा अदब में रहिये ….

 

  1. कलियुग में हनुमान का role बदल जाना चाहिये ….
    अब लंका को जलाना नहीं ….जहाँ जलता हो …वहाँ बुझा देना चाहिये …..ये हनुमानजी का role होना चाहिये …..
    इसलिये अब मेरा हनुमान कहीं नही बैठता…..बस कथा में बैठता है …..
    बापू के शब्द
  2. काष्ट की पादुका पहनता हूँ और काष्ट के पात्र में खाता हूँ ……मैं तो पेड़ों का आदमी हूँ साहब

 

  1. मेरी कथा का कोई उद्देश्य नहीं साहब ….निरुद्देश्ये …..
    स्वांत: सुख भी नहीं …..मन को बोध भी नहीं …..वाणी की पवित्रता भी नहीं ……..बस बहते जाना है …..बहते जाना है ……बहते जाना है ……
    कोई उद्देश्य नहीं ….बस बैठ गये और गाने लगे …और आज पूरा हो गया तो जय सियाराम सूरत को …..

 

  1. 9 दिवस की ये राम कथा मानस शहीद विराम ले रही है …आखिर में इतना बड़ा प्रेम पदार्थ निर्माण हुआ है …इतना बड़ा प्रेम पदार्थ किसको अर्पण करें ?…
    तो अाओ बाप ..व्यास्पीठ से लेकर ..नानु भाई ..उनका पूरा परिवार …सभी ट्रस्टी …हर एक सूरत वासी ..भारत वासी …विदेश में रहने वाले NRI ….सभी साथ मिलकर ….इस 9 दिन का प्रेम पदार्थ …हमारे देश कि अखंडता के लिये जिसने शहीदी को गले लगाया है …उन शहीदों के चरणों में …और उनके परिवारों के चरणों में …ये रामकथा अर्पण कर दें ….कि बाप …ये ले लो …ये आपके चरण में समर्पित है।

बापू के शब्द
मानस शहीद
जय सियाराम

Read : मोरारी बापू के सभी वाक्य और सूत्र

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.