Jalaluddin Rumi Shayari Quotes and Words by Morari Bapu

Jalaluddin Rumi Shayari Quotes and Words by Morari Bapu – जलालुद्दिन रुमी की शायरी वाक्य और शब्द : मोरारी बापू के द्वारा 

जलालुद्दिन रुमी फ़ारसी के सूफी शायर और कवि थे। मानस महिम्न लन्दन राम कथा में मोरारी बापू ने कथा में जलालुद्दिन रुमी के कई वाक्यों को बहुत याद किया। जिनमें से कुछ उन्ही की भाषा में यहाँ पर दिए जा रहे हैं। मोरारी बापू ने कहा कि —

 
1. जलालुद्दिन रुमी को पूछा गया कि सच्चा मार्ग कौन ??
…..तो रुमी ने जवाब दिया कि जो मार्ग 24 घंटे आपको पवित्र बनाये रखे…वोही मार्ग सच्चा।

 

2. What you seek is seeking you ….जलालुद्दिन रुमी ……
तुम जिसको खोजते हो ..वो तुम्हें खोज रहा है, वो तुझे ढूंढ रहा है।

 

3. Silence is the language of God…all else is poor translation…..- रुमी
मौन ही परमात्मा की बोली है …बाकी सब तो कमजोर भाषांतर है …
सबसे ऊँची भाषा कोई विश्व में है तो वो मौन है …सबसे श्रेष्ठतम भाषा ये मौन है …
वाणी नंबर 1…मौन
वाणी नंबर 2…सत्य बोलना
वाणी नंबर 3…सत्य भी प्रिय बोलना
वाणी नंबर 4…सत्य बोलना …प्रिय सत्य बोलना लेकिन सुत्रात्मक बोलना ….short में कहा गया सत्य …
वाणी नंबर 5…दूसरों के हित में बोला गया
और इतनी वाणी जिसमें आ जाये ..फिर भी सामनेवाला ना समझे तो फिर …मौन हो जाना ….
मौन से शुरू …..मौन में पूरा …..

 

 

4. रुमी को किसी ने पूछा ..कब तक भरोसा रखना ..कब तक विश्वास रखना ..कब तक परीक्षा करोगे ??
रुमी का जवाब है ये …
I will be waiting here for your silence to break …तेरा मौन ना तोड़ दूँ तब तक मैं wait करूँगा ..अस्तित्व को जवाब देना पड़े तब तक मैं भरोसा रखकर …I will be waiting here …भटकना नहीं ..जहाँ हो वहीं wait करना ..अटक जाना ..रुक जाना …कहो परमात्मा को कि तुझे बोलने के लिये मजबूर ना कर दूँ …हे जगदंबा तेरे सामने बैठने के बाद तू कुछ बोले ना ..ये शक्य नहीं ..तुझे बोलता कर दूँ मैं तब तक तेरी प्रतिक्षा करूँगा …I will be waiting here ..here ..here …not इधर उधर …
रुमी बोलता है तो मुझे लगता है शायद हमारे अंदर की कोई खोज बोल रही है ..तेरा मौन ना तुड़वा दूँ तो याद रखना …
I will be waiting here for your soul to shake …तुम्हारी आत्मा को हिला ना दूँ तब तक यहाँ से उठने वाला नहीं ….
I will be waiting for your love to awake …जब तक तेरे प्रेम को जागृत ना कर दूँ तब तक बैठा हूँ दर पे तेरे….कुछ कर के उठूँगा ….

 

5. रुमी का 1 और वाक्य है कि जिसको तृषा लगती है पानी खोजता है …उसको पानी स्वयं खोजता है।
हरि ना विसारे …एने हरि ना विसारे…
जो हरि को ना विसारे …उसको हरि ना विसारे।
लोग कहते हैं कि सदगुरू को खोज रहे हैं …मिलेगा ?….
थोड़ा धैर्य रखो …वो तुझे खोज लेगा ….
हम क्या वरण करें …वो हमारा वरण करता है।

बापू के शब्द 
मानस महिम्न
जय सियाराम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.