जीवन में महत्वपूर्ण निर्णय कैसे लें?

जीवन में महत्वपूर्ण निर्णय कैसे लें?

Jivan me important decision kaise le?

How to take Important Decisions in life in hindi?

हमारे जीवन में कई बार हम दुविधा में फंस जाते हैं। कुछ निर्णय नहीं कर पाते हैं कि क्या करें। जब मन विचलित हो जाये तो हमें महत्वपूर्ण decision(निर्णय) कैसे लेना है, ये भारत के संतों के द्वारा बखूबी बताया गया है। ऐसा ही प्रश्न प्रतीक ने मोरारी बापू से राम कथा में किया कि

I Love You .. बापू from the bottom of my heart …..

Prateek …22 years old studying civil engineering …..

बापू बोले – thankyou …..english में क्या कहते हैं ? Same to you …..

 

कभी कभी जीवन में किसी व्यक्ति के बारे में य़ा किसी important decision के बारे में कोई फैसला करना हो तो मन की अवस्था दुविधा में रहती है कि क्या सही और क्या गलत? तो उस स्थिती को मैं कैसे handle करूँ और उस समय कौन सा फैसला लेना उचित होता है?

 

बापू बोले – मैं सीधा सा जवाब देता हूँ …प्रतीक। जब मन डांवाडोल हो तो ….आपको भरोसा हो …ना हो, परिणाम शीघ्र आये …ना आये, मैं वादा नहीं करता लेकिन मैं इतना ही कहूँगा कि मन जब डांवाडोल हो ….सही क्या …गलत क्या ….ये निर्णय आप नहीं कर पाते ….please थोड़ा समय निकालकर …घर के 1 कोने में बैठकर हरि नाम लो।

कितना महफूज़ हूँ मैं इस कोने में …..
कोई अड़चन नहीं अब रोने में …..

2 आँसू आ जाये बेटे प्रतीक …..और जो तेरे परमात्मा का नाम हो …..

घबराये जब मन अनमोल ….
तब मानव तू मुख से बोल …
बुद्धं शरणं गच्छामि …
धम्मं शरणं गच्छामि ….
कृष्णं शरणं गच्छामि…
रामं शरणं गच्छामि….
शिवं शरणं गच्छामि…
सत्यं शरणं गच्छामि…
प्रेमं शरणं गच्छामि….
करूणामं शरणं गच्छामि….

मोरारी बापू के शब्द
मानस राम जनम के हेतु अनेका
जय सियाराम

आपके ह्रदय में जो पहला विचार आये न इसके बाद.. उस विचार को लेकर आगे बढ़ जाना। क्योंकि ह्रदय में परमात्मा का वास होता है। फिर बार बार उस निर्णय पर संकोच न करना। परिणाम फिर चाहे जो भी हो भगवान का फल मानकर, नियति मानकर उसे स्वीकार कर लेना।

जय सियाराम

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