kalyavan and krishna ranchod Story in hindi

krishna shanti doot virat roop

kalyavan and krishna ranchod Story in hindi कालयवन और कृष्ण रणछोड़ कहानी/कथा जिस समय भगवान श्रीकृष्ण मथुरा नगर के मुख्य द्वार से निकले, उस समय ऐसा मालूम पड़ा मानो पूर्व दिशा से चंद्रोदय हो रहा हो। भगवान का बड़ा ही सुंदर रूप है और भगवान ने पीताम्बर धारण किया हुआ है। उन्हें देखकर कालयवन ने निश्चय किया […]

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Krishna and Jarasandha yudh story in hindi

krishna shanti doot virat roop

Krishna and Jarasandha yudh story in hindi कृष्ण और जरासंध युद्ध कथा/कहानी भगवान कृष्ण ने कंस का वध कर दिया था। कंस की दो रानियाँ थीं—अस्ति और प्राप्ति(asti aur prapti)। इनके पिता थे जरासंध । पति की मृत्यु से उन्हें बड़ा दुःख हुआ और वे अपने पिता की राजधानी में चली गयीं। इन्होने अपने पिता […]

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Krishna ka Kubja and Akrur ke ghar jana

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Krishna ka Kubja and Akrur ke ghar jana कृष्ण का कुब्जा और अक्रूर के घर जाना भगवान श्री कृष्ण ने उद्धव को प्रेम का पाठ पढ़ाया। भगवान ने कुब्जा को कहा था की मैं तुम्हारे घर आऊंगा।   krishna ka kubja ke ghar jana : कृष्ण का कुब्जा के घर जाना  अब भगवान कुब्जा के घर […]

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Shiv Dhanush Story in hindi

Shiv Dhanush Story in hindi शिव धनुष की कथा/कहानी शिवधनुष शंकर जी का प्रिय धनुष था जिसका नाम पिनाक था। शास्त्रों के अनुसार विश्वकर्मा ने दो दिव्य धनुष बनाए थे एक विष्णु के लिए और एक शिव के लिए। भगवान विष्णु के धनुष का नाम शार्ङग है। यहाँ शिव धनुष की कथा के बारे में बताया जा […]

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Uddhav Charitra Story in hindi

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Uddhav Charitra Story in hindi उद्धव चरित्र कथा/कहानी   संदीपनी ऋषि के आश्रम से आने के बाद भगवान के मित्र बने हैं उद्धव जी। ये बड़े ज्ञानी हैं। वृष्णीनां प्रवरो मंत्री कृष्णस्य दयितः सखा । शिष्यो बृहस्पतेः साक्षाद् उद्धवो बुद्धिसत्तमः ॥ vrishninam pravaro mantra krishnasya dayitah sakha  shishyo brihaspateh sakshad uddhavo buddhi-sattamah   उद्धवजी वृष्णिवंशियों […]

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Bhramar geet in Sanskrit and Hindi

Bhramar geet in Sanskrit and Hindi भ्रमर गीत ये भ्रमर गीत बड़ा ही मार्मिक है। जब उद्धव जी महाराज भगवान श्री कृष्ण का सन्देश लेकर ब्रज आये हैं तब गोपियों ने एक भ्रमर(भौंरा) के बहाने कृष्ण को उलाहना दिया है।   Madhup Kitav Bandho ma sparsh  मधुप कितवबन्धो मा स्पृशङ्घ्रिं सपत्न्याः कुचविलुलितमाला कुङ्कुमश्मश्रुभिर्नः । वहतु मधुपतिस्तन् […]

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