morari bapu

Swarg kahan hai ? where is heaven in the world in hindi?

Swarg kahan hai ?

where is heaven in the world in hindi?

स्वर्ग कहाँ है ? 

हम सब स्वर्ग की खोज करते हैं। स्वर्ग की खोज करते हैं इस धरती पर, आकाश में। किसी ने कहा आकाश में स्वर्ग होगा, जरूर होगा, लेकिन देखा तो नहीं किसी ने। कोई किसी जगह का नाम लेकर कह देता है कि वो स्वर्ग है। मोरारी बापू ने मानस स्वर्ग स्विट्ज़रलैंड राम कथा में बताया की वास्तव में स्वर्ग कहाँ है। आइये उन्ही के शब्दों में सुनते हैं।

मोरारी बापू कहते हैं कि

स्वर्ग कहाँ है ? swarg Kahan hai ?

1. माँ की गोद में …और बाप के कंधे पर स्वर्ग है।

2. आप घर जायें …बूट उतारें और बैठें …और कोयल जैसी आवाज़ में आपकी धर्मपत्नी आपका स्वागत करे …आप आ गये हैं ?..अभी आप ठंडा लोगे कि गरम लोगे ?टेबल कब सजाऊँ? भोजन के लिये तैयार करूँ? आज थोडी आपने देर कर दी। मैं कबसे प्रतीक्षा कर रही थी। इतनी देर मत किया करो। आप समय पर आया करो …साँझ को घर में रहा करो …ऐसा सब कहे तो समझना स्वर्ग है।

3. खुले मैदान में जहाँ गो-धन चरता हो …बेरोक टोक…गाय मातायें चारा चरती हों …उस भूमि को हमारा दर्शन स्वर्ग कहता है।

4. किसी पहुँचे हुए फकीर की आँखों में स्वर्ग होता है …कोई बुद्धपुरूष ..कोई सदगुरू की आँख में स्वर्ग रहता है …फ़िल्म की एक पंक्ति है।

तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है
ये उठे सुबह जले …ये झुके शाम ढले
मेरा जीना …मेरा मरना इनहीं पलकों के तले।

5. एक मासूम बालक वो आपको पहचानता नहीं ..आप उसको पहचानते नहीं …रास्ते पर उसके माता पिता के साथ चल रहा है। आपने ऐसे ही सहज उसकी ओर देखा …उसको आपसे कुछ नहीं चाहिये …और आपको देखकर ऐसे ही अकारण कोई बच्चा आपके सामने मुस्कुरा दे.. तो समझना वो मुस्कुराहट स्वर्ग है। कामना मुक्त मुस्कुराहट अपेक्षा मुक्त मुस्कुराहट स्वर्ग है।

6. जिस घर में रोज़ स्वाध्याय होता हो। रामायण-गीता का पाठ होता हो। अथवा तो जो आपका ग्रंथ हो। कुरान का पाठ करो क्या फर्क पड़ता है ? बाइबल का पाठ करो। धम्मपद का पाठ करो …कोई यहाँ प्रतिबंध नहीं है। अपने धर्म ग्रंथ का जहाँ स्वाध्याय होता हो। दूसरा जिस घर में व्यवस्था के रूप में आप वो करो तो चलता है आज के ज़माने के अनुसार लेकिन स्वर्ग की 1 परिभाषा तो आपको सुननी होगी कि जिस घर में कायम स्वाध्याय होता हो …जो समय हो …जिस घर में रोज़ ठाकुरजी की सेवा होती हो …जितना आप कर सकें …timetable बनाईये। तीसरा जिस घर में भजन और भोजन साथ साथ हो …ये प्रतिबंध नहीं लादता क्यूँकी आज की दुनिया है …कोई office में है …कोई देर से आये …तो छुट्टी हो अथवा तो एक समय ऐसा हो कि पूरा परिवार इकट्ठा होकर 5 मिनिट प्रभु का स्मरण करे …उसे भी स्वर्ग माना गया है।

7. किसी भजनानन्दी की माला का दर्शन …स्वर्ग का दर्शन है …yes ….no doubt ….कोई फकीर की तसबीह जिसपर उसने खाविन्द को बहुत भजा हो …अल्लाह को पुकारा हो।

8. एक ही ग्रंथ पर किसी साधु संत ने पूरी ज़िन्दगी पाठ किया हो ..वो जरजरीत ग्रंथ का कोई दर्शन करे तो वो स्वर्ग है …क्यूँकी ग्रंथ पक जाते है साहब …पाठक के द्वारा …ग्रंथ पकता है …और संपूट करनेकी ज़रूरत नहीं है।

9. गुरू परम्परा में ..गुरू चरण रज …स्वर्ग माना गया है।

10. कोई बुद्धपुरूष के साथ 1..2 मिनिट चलना आये ना कि साथ साथ चलना है तो उसको स्वर्ग की राह मानी जायेगी।

11. समझदार पति ..विवेकी पति पूरे परिवार का पालन करनेवाला …ऐसा पुरूष परिवार के लिये स्वर्ग है।

बापू के शब्द 
मानस स्वर्ग 
जय सियाराम

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