Iccha Control Kaise Kare

Iccha Control Kaise Kare

इच्छा कण्ट्रोल कैसे करें? how to control desires in hindi

इच्छा कण्ट्रोल कैसे करें?(iccha control kaise kare) थोड़ा मुश्किल तो है पर नामुमकिन नहीं। लेकिन भारत ही एक ऐसा देश है जिसके पास हर समस्या का समाधान है। क्योंकि भारत के संत मुनियों ने सब समस्या का समाधान दिया है।

कुछ ऐसा ही मोरारी बापू ने मानस पितृ देवो भव कथा में बताया कि

 

इच्छा मुक्त कैसे हुआ जाय :  Iccha Mukt Kaise Hua Jaye ?

मोरारी बापू कहते हैं कि

4 वस्तु का ध्यान रखना। अभ्यास करने से हो सकता है इच्छा छूट जाये। ये मेरा अर्थ नहीं है मेरे पूर्वजों का अर्थ है। पूज्य विष्णु देवानन्दगिरी का अर्थ है। मेरे विष्णु दादा का अर्थ है।

1. वो इच्छा करो जो वर्तमान से जुडी हुई हो।
भविष्य के साथ जुडी हुई है वो इच्छा ना करो। मैं 5 साल के बाद ये करूँ। वर्तमान के साथ जुड जाये वो इच्छा करो, करनी ही पड़ेगी …वर्तमान में हमें भूख लगी है तो खाने की इच्छा ..गुनाह नहीं है…

 

2. इच्छा के साधन उपलब्ध हो तो इच्छा करना। तुम्हारी इच्छा हो कि मुझे घर में हाथी बांधना है और झोंपडी हो …तो ये इच्छा का साधन नहीं है …ये गलत है।

 

3. ऐसी इच्छा करो बाप जो दूसरों का अहित ना करती हो। सब practical अर्थ है। जो दूसरों का अकल्याण ना करती हो। ये 3 वस्तु जो ध्यान नें रखकर करो। लेकिन चौथा सूत्र ….

 

4. इच्छा आप अकेले के लिये अभिष्ट ना हो। मैं इच्छा करूँ की मुझे आज दूधपाक, पूरी, भजिया ये सब मिले और साधन उपलब्ध है…वर्तमान में भूख लगी है और इसमें किसीका बुरा या अहित भी नहीं होने वाला है ….लेकिन मैं अकेला ना खाऊँ …सबको offer करूँ …तुम भी खाओ।

इस 4 वस्तु से विपरीत हो ऐसी इच्छा भूल से भी मत करना। ये 4 वस्तु जो समझ जायें वो इच्छा की जाल में होते हुए भी इच्छा मुक्त हो जाता है।

उसको उपनिषद कहता है …अनीहो पिता …इन्हीं कपड़ों में वैराग उत्पन्न होगा।

बापू के शब्द
मानस पितृ देवो भव
जय सियाराम

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