Dukh dur karne ke upay

Dukh dur karne ke upay

दुःख दूर करने के उपाय

 

मोरारी बापू कहते हैं कि इस दुनिया में दुःख थे, दुःख हैं और दुःख रहेंगें। बड़े बड़े संतों के जीवन में भी ऐसी घटना घटती है। संतों को भी दुःख होता है।

तुम लोग संतों को पूछते हो, वो कहाँ पूछें? वो कहाँ जाएँ? उसको कोई तकलीफ हो तो वो किसको पूछे, बताओ?
तुम्हारे पास आये तो तुम तो पहले से ही रोना शुरू कर देते हो। तो वो बेचारा करे क्या?

 

वो शायद सोचे कि चलो इस आदमी को पूछे, स्नेही को पूछे, इस भक्त को पूछे कि भई हमको कोई तकलीफ है लेकिन इनसे पहले आप तो रोते हैं। तो वो कहाँ करें?

 

सबको दुःख मिलता है लेकिन संत दृष्टि बदल चुका है इसलिए ईश्वर का नित्य संग करता है, इसलिए वो हमसे ज्यादा विस्मृत हो सकता है और इसलिए वो सुख का अनुभव कर सकता है। तो मेरे भाई बहन बुद्ध की भाषा में यहाँ दुःख है। दुःख का उपाय है ईश्वर का आश्रय, हनुमान जी का आश्रय, संत का आश्रय। तो जन्म जन्म के दुःख आप बिसर(भुला) पाओगे, जरूर बिसर पाओगे, इसी जन्म में बिसर पाओगे। जन्म तो ज्यादा समय में आपको कह रहा हूँ। बात बनती है तो चंद मिनटों में बन जाती है।

इसलिए हरि नाम का, भगवन नाम का, जो भी नाम आपको प्रिय हो उसे लेते रहिये।

 

मोरारी बापू के शब्द
(Morari Bapu Kirtan Radha Radha Krishna Radha Oldham, Manchester 1986 UK)
जय सियाराम

पढ़ें : जीवन में दुःख क्यों होता है?
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