why do we fall ill in hindi

why do we fall ill in hindi

हम बीमार क्यों होते है

hum bimar kyu hote hai

इंसान कभी ना कभी जीवन में बीमार होता ही है। आज कलयुग में विशेष रूप से व्यक्ति बीमार ही रहता है। शारीरिक नहीं तो मानसिक रूप से। व्यक्ति के बीमार रहने का कारण क्या है। हम बीमार क्यों पड़ते हैं?

 
हम बीमार हो तो जाते हैं लेकिन कभी सोच नहीं पाते कि हम बीमार क्यों हुए। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता इसमें काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जैसे गर्मियों का मौसम है। 2 दोस्तों का शिकंजी पीने का दिल करता है। दोनों शिकंजी पीते हैं। लेकिन इस शिकंजी में बर्फ बहुत ज्यादा थी। जिस कारण से एक दोस्त बीमार पड़ गया, उसे खासी जुखाम और बुखार हो गया लेकिन दूसरे को कुछ भी नहीं हुआ। यहाँ पर उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा है जो बीमार नहीं हुआ।

 
आज के समय में सभी किसी ने किसी बीमारी से परेशान हैं। कुछ बीमारियां तो शरीर में आती है लेकिन कुछ बिन बुलाये हमारे कारण आती है। बीमार होने के कुछ कारण होते हैं- अगर इन कारणों को दूर किया जाये तो काफी हद तक हम बीमार होने से बच सकते हैं।

Bimar hone se bachne ke upay : बीमार होने से बचने के उपाय

भोजन(Food)  – 

सबसे महत्वपूर्ण हमारे जीवन का हिस्सा होता है भोजन। हम क्या कहते हैं? कैसे कहते हैं? आज कल भागदौड़ की ज़िन्दगी में व्यक्ति 2 समय आराम से बैठकर खाना नहीं खा सकता। और फिर कहता है मेरा पैकेज 10 लाख रुपये है।

भैया! तू दो वक्त की रोटी ठीक से खा नहीं पाता। इस पैकेज का क्या अचार डालेगा?

आधी बीमारी भोजन के कारण होती है। अगर हम अपना भोजन और खान पान सुधार लें तो आप देखना की आप बीमार नहीं होंगे।

इसके लिए कुछ पॉइंट है

1. भोजन को चबा चबा कर खाना चाहिए। एक हमारे टीचर थे। वो कहते थे लगभग 30 बार एक बाईट को चबाना चाहिए। खैर आप 30 बार तो नहीं लेकिन चबाकर जरूर कीजिये। कहीं रोटी कहते समय गिनने बैठ जाओ कि 1 बार चबा ली, 2 बार चबा ली। ऐसा कुछ नहीं करना है। बस चबाकर खाइये। इससे क्या होगा की आपके दांतों का काम आपकी आँतों को नहीं करना पड़ेगा। अगर आप भोजन अच्छे से चबाकर करेंगे तो खाना जल्दी पच जायेगा।

2. भोजन ना तो बहुत अधिक मात्रा में खाना चाहिए और ना ही बहुत कम। कुछ लोग क्या करते हैं- स्वाद के कारण इतना अधिक भोजन कर लेंगे की उनका पेट फटने को हो जायेगा। सांस नहीं आएगा लेकिन खाएंगे जरूर। फिर चाहे 10 बार टॉयलेट ही क्यों ना जाना पड़े। अरे भैया! तू कम ही खा ले ना। ऐसा कुछ नहीं है कि ज्यादा खाने से ज्यादा ताकत आएगी। जितनी भूख हो उतना खाएं बस। कृपा यहीं पर रुकी है। 😉

3. बहुत ज्यादा मिर्च मसाले वाला भोजन ना करें। बाबा रामदेव कहते हैं ना — ज्यादा मिर्ची खाओगे तो दिन में पेट को जलायेगी और सुबह ….. आप समझ जाओ। शौच क्रिया के समय तकलीफ देगी। इसलिए क्राइम पेट्रोल की तरह सतर्क रहिये और कम मिर्च का उपयोग कीजिये।

4. भोजन में सलाद जरूर लें। सलाद लेने से आपके अंदर जो भी विटामिन्स की कमी होगी वो पूरी हो जाएगी।

5. पानी ठीक से पिए। हमें जानकारी नहीं है कि कितना पानी और किस समय पीना चाहिए। भोजन करते वक्त पानी पास में जरूर होना चाहिए। कई बार खांसी आ जाती है तो पानी पी लेना चाहिए। वैसे मैंने एक बार स्कूल टाइम में सुना था कि भोजन करने के 30 मिनट पहले पानी पी ले और भोजन करने के 30 मिनट बाद पानी पियें। इसका अर्थ ये नहीं है कि आप बीच में पानी नहीं पी सकते। अगर ज्यादा प्यास लगती है तो एक दो घूंट पी लें। लेकिन आप दिनचर्या बनाएंगे तो आप सब कुछ कर सकते हैं।

एक्सरसाइज(व्यायाम)-Exercise

सुबह उठकर थोड़ी देर पार्क में घूम लें। मॉर्निंग वाक। घूमने से अभिप्राय ये है कि आप थोड़े जल्दी जल्दी चलिए। जिससे आपकी एनर्जी बर्न हो। प्रतिदिन एक्सरसाइज जरूर करें। चाहे 10 मिनट ही करलो। 10 का भी समय ना हो तो 5 मिनट ही करलो। सूर्य नमस्कार ही करलो। इससे हमारे शरीर की मासपेशियां खुल जाती है। और स्वस्थ रहने में बहुत ही कारगर साबित होती है।

मानसिक बीमारी — mentally ill

शरीर की जो बीमारी होती है सो होती है लेकिन मानसिक बीमारी भी ज्यादा परेशान करती है। जैसे बहुत जल्दी गुस्सा आना, दूसरे की सफलता को देखकर जलना, डरना और डराना। रुपैया-पैसा कमाने की टेंशन।

आप अच्छे कर्म करते रहिये आपको जरूर फल मिलेगा। सोचने से तो कोई काम होने वाला नहीं है। थोड़ा सा कण्ट्रोल कीजिये हर चीज पर। इन पर कण्ट्रोल करने का सबसे अच्छा उपाय है। आप रामायण देखिये, रामचरितमानस सुनिए और पढ़िए। आपको 100 % लाभ होगा। मुझे तो हुआ है, आपको भी जरूर होगा।

जीभ पर कण्ट्रोल- (control on your tongue)

कुछ भी ऐसा वैसा मत खाइये जिससे आपको नुकसान उठाना पड़े। अगर आपको कोई बीमारी है और डॉक्टर ने मना किया है तो बिलकुल मत खाइये।

जैसे एक व्यक्ति को शुगर(डायबिटीज) है और डॉक्टर ने मना किया है मीठा नहीं खाना है। लेकिन जैसे ही रसगुल्ले, गुलाबजामुन सामने आते हैं तो बस डॉक्टर की बात भूल जाते हैं। कहते हैं- चलो आज खा लेते हैं। एक गोली ही तो एक्स्ट्रा खानी पड़ेगी। अरे भाई! तुम मान जाओ। मत खाओ यार। मुझे पथरी थी। डॉक्टर ने मुझे चावल खाने से मना किया था। मैंने कई साल तक चावल नहीं खाये। क्योंकि पथरी बार बार बन रही थी। इसलिए जब तक पथरी पूरी तरह से ठीक नहीं हुई, बाहर नहीं निकली मैंने बिलकुल नहीं खाये। इसलिए अगर आप इस जीभ पर कण्ट्रोल करेंगे तो आप स्वस्थ रहेंगे।

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