Ramayan in hindi

Ramayan in hindi

Ramayan in hindi  (रामायण)

 

जय सिया राम ! रामायण(Ramayan) – एक ऐसा ग्रन्थ जिसमे भगवान राम के बारे में सब कुछ बताया गया है। भगवान श्री राम ने हमें जीवन जीने की प्रेरणा दी है।

 

मुख्य रूप से आज के समय श्री तुलसीदास जी की राम चरितमानस ही गाई जाती है। जबकि सबसे पहले रामायण श्री वाल्मीकि जी ने लिखी थी। रामायण कथा में महात्मा लोग बताते हैं कि श्री वाल्मीकि जी ही तुलसीदास बनकर आये और उन्होंने ही रामायण को रामचरितमानस के रूप में लिखा।  क्योंकि पहले रामायण संस्कृत में और काफी बड़ी थी। कलयुग के लोगों की आयु और समझ ज्यादा बड़ी नहीं है। जिस कारण से तुलसीदास जी ने रामायण को ही मानस के रूप में सहज भाषा में लिखा।  ताकि हर कोई रामायण की कहानी को अच्छे से पढ़ सके और भगवान के बारे में जान सके। 

Ramayan ki kahani : रामायण की कहानी

एक बार भगवान शिव माता पार्वती को भगवान राम की कथा के बारे में बताते हुए कह रहे हैं कि ऐसा दुनिया में कोई भी नहीं है जो भगवान राम के पुरे चरित्र को गा सके। क्योंकि भगवान और भगवान की कथा तो अनंत है ये कभी भी पूरी नहीं हो सकती।  और ऐसा कहकर महादेव ने एक चौपाई , एक दोहा बोला — 

 

हरि अनंत हरि कथा अनंता। कहहिं सुनहिं बहुबिधि सब संता॥ रामचंद्र के चरित सुहाए। कलप कोटि लगि जाहिं न गाए॥

 

अर्थ :- श्री हरि अनंत हैं (उनका कोई पार नहीं पा सकता) और उनकी कथा भी अनंत है। सब संत लोग उसे बहुत प्रकार से कहते-सुनते हैं। श्री रामचन्द्रजी के सुंदर चरित्र करोड़ों कल्पों में भी गाए नहीं जा सकते।

 

श्री रामचंद्र जी के चरित्र करोड़ों कल्पों में भी नहीं गए जा सकते हैं। वाह ! कमाल की बात कह दी भगवान शिव ने।

 

इस पूरी रामायण की कहानी को सात काण्ड में बांटा गया है।  इन सात काण्ड में भगवान श्री राम की पूरी जीवन कथा का वर्णन किया गया है।

Bhagwan ram story in hindi : भगवान राम की सम्पूर्ण कहानी

 

बालकाण्ड , अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किंधाकाण्ड, सुंदरकांड, लंकाकाण्ड और उत्तरकाण्ड

 

बाल काण्ड : Bal kand in hindi

बाल काण्ड में भगवान शिव माता पार्वती को भगवान राम की कथा सुना रहे हैं। जिसमे भगवान राम के जन्म से लेकर भगवान राम के विवाह तक का प्रसंग बताया गया है।

 

अयोध्या काण्ड : Ayodhya kand in hindi

अयोध्या काण्ड में भगवान राम को वनवास दिया गया है। भगवान राम के साथ लक्ष्मण और माता सीता भी वन में गए हैं। फिर राम के पिताजी की राम के वियोग में मृत्यु हुई है। राम के भाई भारत और शत्रुघ्न को जब पता चला तो वे राम जी से मिलने के लिए वन में गए हैं ।  यहाँ पर भरत और राम के मिलाप की कहानी को दिखाया गया है।  इसके बाद रामजी ने भरत जी को अपनी चरण पादुका देकर वापिस अयोध्या भेजा है।  भरत जी का राम से अत्यंत प्रेम होने के कारण भरत भी राम की तरह वनवासी की तरह रहने लगे हैं। यहाँ पर अयोध्या काण्ड पूरा हुआ है।

 

अरण्य काण्ड — Aranya kand in hindi

वनवास में रहते हुए और संत महात्माओं पर कृपा करते हुए राम आगे बढे हैं।  यहाँ पर माता सीता का रावण द्वारा हरण हुआ है। रावण और जटायु का भी प्रसंग यहीं पर आया है।  फिर भगवान राम ने माता शबरी पर कृपा की है। राम और नारद जी का मिलन हुए है। और अरण्य काण्ड का विश्राम हुआ है।  

किष्किंधा काण्ड – kishkindha kand in hindi

 

इस काण्ड में भगवान राम का मिलन श्री हनुमान जी से हुआ है। श्री हनुमान जी ने राम की मित्रता सुग्रीव से करवाई और राम ने यहाँ पर बाली को मारा।  और सीता माता की खोज शुरू की गई। इस तरह किष्किंधा काण्ड का विश्राम हुआ है।

 

सुंदर कांड — Sundar kand in hindi

इस काण्ड से तो सब परिचित होंगे। इस काण्ड में महावीर हनुमान जी के चरित्र का खूब बखान किया गया है।  हनुमान जी सीता माता की खोज करते हुए लंका गए हैं।  लंका दहन करके राम जी के पास आये सीता माता की खबर राम जी को दी है।  अब रावण के भाई विभीषण भी राम जी की शरण में आये। और सुंदर कांड का विश्राम हुआ है।

 

लंका काण्ड – Lanka kand

 लंका काण्ड में राम सेतु का निर्माण किया गया। लक्ष्मण और मेघनाथ का युद्ध हुआ।  लक्ष्मण जी मूर्छित हुए और हनुमान जी संजीवनी पर्वत लेकर आये। फिर राम और रावण के बीच युद्ध हुआ।  भगवान राम ने रावण का वध किया।  और विभीषण को लंका का राजा बनाया गया।

 

उत्तर काण्ड — Uttar kand

भगवान सीता-राम ,  लक्ष्मण और अनेक लोगों के साथ अयोध्या में वापिस आये हैं। भगवान राम का राज्याभिषेक किया गया। और अंत में रामायण जी की आरती गाई गई। इस तरह से सात काण्ड में श्री तुलसीदास जी ने पूरी रामायण को कहा है। जिसे रामचरितमानस का नाम दिया गया। नीचे दिए लिंक में भगवान राम की पूरी कथा विस्तार से दी गई है। आप जिसमे भगवान के जन्म से लेकर वनवास , सीता का हरण से लेकर राम रावण के युद्ध की एक एक कथा को विस्तार से पढ़ सकते हैं। 

Read : सम्पूर्ण रामायण कथा 

श्री सीता जी और राम जी के वियोग व् सीता जी के वन जाने का प्रसंग तुलसीदास जी ने नहीं बताया है। क्योंकि तुलसीदास जी राम और सीता के वियोग को सहन नहीं कर पाते। लेकिन कुछ लोग गलत संदर्भ में लेते हैं की राम ने सीता को छोड़ दिया। रांम ने सीता का त्याग एक धोबी के कहने पर किया लेकिन इसका भी एक कारण था —

राम ने सीता माता को क्यों छोड़ा?

इसका जवाब जानने के लिए आप नीचे दिए गए ब्लू लिंक पर क्लिक कीजिये —

भगवान राम ने राम ने सीता को क्यों छोड़ा

 

 

रामायण के बारे में एक बात आई है कि रामायण सत कोटि अपारा

 

जिसका अर्थ है – रामायण तो सैकड़ों करोड़ों हैं। रामायण और राम जी अपार हैं। लेकिन 300 के करीब रामायण प्रचलित हैं। जिसमे भगवान राम की कथा को अलग अलग तरीके से दर्शाया गया है। दक्षिण की एक रामायण में भगवान राम की बहिन शांता के बारे में बताया गया है। जिसकी कथा का लिंक नीचे दिया जा रहा है।

Read : राम की बहिन शांता की कहानी

मैं आप सबसे प्रार्थना करूँगा की इंटरनेट पर तो आपको रामायण की जानकारी मिल जाएगी। पूरी राम कथा भी मिल जाएगी लेकिन आप किसी गुरु से पहले कथा सुनिए। या फिर टीवी पर या यूट्यूब पर रामायण की कथा सुनिए अगर आपको मिल जाती है तो। सबसे अच्छी बात होगी अगर आप रामचरितमानस को खरीद लें और भगवान की एक एक चौपाई को पढ़ें। उसे ह्रदय में उतारे तो आपको जो आनंद आएगा उसका वर्णन आप खुद भी नहीं कर पाओगे। रामायण एक – एक चौपाई हमें जगाने वाली है। हमें सचेत करने वाली है। हमें कुछ न कुछ जरूर सीखाने वाली है।

 

मेरा विश्वास है आप सभी को रामायण पसंद आई होगी। ऐसा जग में कौन होगा जिसे राम की कहानी पसंद ही ना आये। अगर किसी को भगवान राम की कथा पसंद ना आये तो समझ लेना की भगवान राम की कृपा से वो अभी वंचित है। किसी सद्गुरु गुरु या मानस की शरण में जाने से उसे पक्का रामायण कथा समझ भी आएगी और राम कथा से उसे प्यार भी हो जायेगा।

 

जय श्री राम !! Jai Shri Ram !!

 

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