Why did Lord Krishna have many wives in hindi?

Why did Lord Krishna have many wives in hindi?

Bhagwan Shri Krishna ki  itni patniya kyo thi?

भगवान श्री कृष्ण ने इतने विवाह क्यों किये?

 

भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम राम थे जबकि भगवान श्री कृष्ण लीला पुरुषोत्तम भगवान हैं। भगवान राम जी लीला अनुकरणीय हैं जबकि भगवान श्री कृष्ण की लीला चिंतनीय है। भगवान कृष्ण के बारे में ना जाने लोग क्या क्या बात बनाते हैं। लोग अक्सर भगवान श्री कृष्ण ने इतने विवाह किया तो २-4 शादियां हम भी कर लेते हैं।

 

पूज्य गुरुदेव कहते हैं- भगवान श्री कृष्ण के इतने विवाह हुए लेकिन भगवान का सिर दर्द कभी नही हुआ जबकि आज के समय एक पत्नी वाला भी सिर को पकडे बैठा है।

 

आप सिर्फ भगवान की कमियों क्यों निकलते हो। उन्होंने तो इतने असुरों को मार है, उनका उद्धार भी किया है अगर हम लाख जन्म ले लें तब भी उनके गुणों का गान नही कर पाएंगे।

 

उन्होंने तो गोवर्धन पर्वत को भी धारण किया है। आप 2 -4 ईंट को ही एकसाथ अपनी ऊँगली पे उठा के दिखा दो।

 

उन्होंने तो कंस, शिशुपाल आदि को मारा है। आप बॉर्डर पर जाकर २-4 आतंकियों को ही मार दो।

 

आप भगवान के एक एक विवाह की कथा को ध्यान से पढ़िए। आप समझ जाओगे की भगवान ने जिससे भी विवाह किया है वहां पर कोई ना कोई जरुरत थी। जो जन कल्याण से जुडी हुई थी। भगवान श्री कृष्ण के 16108 विवाह हुए थे। जिनमे से 8 भगवान की मुख्य पटरानियां थी और 16100 भगवान की रानियां थी।  क्योंकि भगवान श्री कृष्ण की हर लीला और हर कर्म दिव्य है। भगवान ने सभी विवाह करुणावश दिए थे।

आप भगवान श्री कृष्ण के विवाह की एक-एक कथा को विस्तार से पढ़ना और उस पर चिंतन जरूर करना। आप जरूर समझ जाओगे की भगवान ने इतने विवाह क्यों किये?

कथा इस प्रकार है-

1. रुक्मिणी-कृष्ण विवाह(Rukmini-Krishna Vivah)

सबसे पहले भगवान श्री कृष्ण ने रुक्मिणी से विवाह किया है। भगवान जी रुक्मणी का हरण करके लाये हैं। और सभी देखते रह गए हैं। पूरी कथा विस्तार से पढ़ें..

 

2. जांबवती-कृष्ण विवाह(Jambavati-Krishna Vivah)

स्यमन्तक मणि की एक कथा आती है। भगवान श्री कृष्ण ने जामवंत के साथ युद्ध किया है। उस दौरान भगवान ने जांबवती के साथ विवाह किया है। पूरी कथा विस्तार से पढ़ें..

3. सत्यभामा-कृष्ण विवाह(Satyabhama-Krishna Vivah)

स्यमन्तक मणि की एक कथा के दौरान ही भगवान ने सत्यभामा के साथ विवाह किया है। सत्राजित ने अपनी बेटी सत्यभामा का विवाह कृष्ण के साथ किया है। पूरी कथा विस्तार से पढ़ें..

4. कालिंदी-कृष्ण विवाह(Kalindi-Krishna Vivah)

एक बार कृष्ण और अर्जुन साथ जा रहे थे तब भगवान ने एक युवती को देखा। अर्जुन के पूछने पर उसने अपना नाम कालिंदी बताया। फिर भगवान ने उसके साथ विवाह किया है। पूरी कथा विस्तार से पढ़ें..

5. मित्रविन्दा-कृष्ण विवाह(Mitravinda-Krishna Vivah)

कालिंदी से विवाह करने के बाद भगवान ने मित्रविन्दा के साथ विवाह किया है। पूरी कथा विस्तार से पढ़ें..

6. सत्या-कृष्ण विवाह(Satya-Krishna Vivah)

भगवान ने सात बैलों को एक साथ नाथकर सत्या के साथ विवाह किया है। पूरी कथा विस्तार से पढ़ें..

7. भद्रा-कृष्ण विवाह(Bhadra-Krishna Vivah)

सत्या से विवाह करने के बाद भगवान ने भद्रा के साथ विवाह किया है। पूरी कथा विस्तार से पढ़ें..

8. लक्ष्मणा-कृष्ण विवाह(Laxmana-Krishna Vivah)

सत्या और भद्रा से विवाह करने के बाद भगवान ने लक्ष्मणा के साथ विवाह किया है। पूरी कथा विस्तार से पढ़ें..

 

कृष्ण 16100 विवाह : Krishna 16100 vivah 

इसके बाद भगवान ने कन्याओं से विवाह किया है। एक भौमासुर नाम के असुर ने इन सभी कन्याओं को काफी समय से बंधी बना के रखा हुआ था। भगवान ने इस असुर का वध किया। अब इन कन्याओं ने कहा की हमें घर से निकले हुए काफी दिन हो गए हैं। हम नही जानते की अब हमारे घर वाले जीवित भी होंगे की नहीं, और अगर हम घर गए तो क्या पता हमें स्वीकार न करें।
भगवान कहते हैं जिसे कोई स्वीकार नही करता उसके लिए मेरे दरवाजे हमेशा के लिए खुले हुए हैं। इस तरह भगवान ने इन सबके साथ करुणावश विवाह किया है। क्योंकि ये कन्या भी चाहती थी हमारी शादी सिर्फ कृष्ण जी से ही हो।

पूरी कथा विस्तार से पढ़ें..

 

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