Why didn’t we get success in hindi

Why didn’t we get success in hindi

hame safalta kyu nahi milti ?

हमें सफलता क्यों नहीं मिलती?

जीवन में ऐसा कौन होगा जो सफल नहीं होना चाहेगा। जीवन में ऐसा कौन होगा हो ऐशो-आराम की ज़िंदगी नहीं जीना चाहेगा। सभी व्यक्ति जीवन में सफलता पाना चाहते हैं। रुपैया-पैसा कमाना चाहते हैं।  लेकिन वास्तव में बहुत ही कम लोग सफल हो पाते हैं। इसका क्या कारण है? सब लोग धनवान क्यों नहीं बन पाते? आज हम आपको इसी चीज का उत्तर देंगे।

सफलता ना मिलने के कई कारण हो सकते हैं-

  1. मेहनत में कमी (Mehnat me kami ) :  lack effort in hindi 

हम सभी सफल तो सभी होना चाहते हैं लेकिन बिना मेहनत के।  हम मेहनत कम करते हैं लेकिन दिखाते(show off) ज्यादा है कि हमसे ज्यादा मेहनत किसी ने नहीं की है।  जबकि बिना मेहनत के कोई भी फल नहीं मिलता है।  एक किसान को देखिये।  वो दिन रात मेहनत करके फसल को बोता है। उसमे खाद मिटटी डालता है। इसके बाद वो बारिश के ऊपर निर्भर हो जाता है। उसकी मज़बूरी है बारिश के ऊपर निर्भर होना। अगर बारिश जरुरत के अनुसार हो जाती है तो फसल अच्छी होती है।  अगर बारिश जरुरत से कम होती है तो फसल कम होती है।  जरुरत से ज्यादा हो तो आधी फसल खराब हो जाती है और अगर बिलकुल ना हो तो सारी फसल खराब हो जाती है। अब फसल कैसी भी हो, अच्छी हो या बुरी हो एक किसान कभी मेहनत करना नहीं छोड़ता है।  वो अगले साल फिर से बीज लाता।  खेत में बोता है। और दोबारा से वही प्रक्रिया को निभाता है। हमें किसान से सीखना चाहिए। एक बार असफल होने के बाद वो फसल उगाना बंद नहीं करता तो हम क्यों मेहनत करने से पीछे हट जाते हैं।

  1. ध्यान में कमी (Dhyan me kami) : Poor attention in hindi

जब भी हम कोई काम शुरू करते हैं तो मन से करते हैं।  लेकिन धीरे धीरे से हमारा मन उस काम को करने के लिए नहीं करता है। हम कहने लग जाते हैं कि मेरा मन नहीं करता अब ये काम करने का।  हम बोर होने लग जाते हैं। इसलिए जब भी कोई काम करें तो मन को उसी में लगाए रखें अपने ध्यान को मत हटने दें।  कहते हैं ना सावधानी हटी और दुर्घटना घटी। इसलिए सावधान रहिये।

  1. किस्मत कनेक्शन (kismat Connection) – luck factor in hindi

क्या हमारी सफलता में किस्मत का कोई रोल होता है? सच कहूं तो शायद हाँ!

अब आप कहेंगे कि जब किस्मत को ही सब कुछ करना है तो हम मेहनत क्यों करें?

आपकी बात भी जायज हो सकती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी किस्मत कैसी है? कोई भी एक सफल व्यक्ति बता दो जो बिना मेहनत के ही अमीर बन गया हो, कोई इतना धनवान बन गया हो कि उसने मेहनत ही ना की हो। यहाँ पर आप कह सकते है की अम्बानी का बेटा! उसे मेहनत करने की क्या जरुरत?

लेकिन दोस्तों सच पूछो तो मेहनत उसे भी करनी पड़ेगी। बिना मेहनत के, बिना कर्म के ना कोई महान बना है और ना कोई बनेगा। अगर वो मेहनत नहीं करेगा तो कभी भी महान हस्तियों में उसका नाम नहीं जोड़ा जायेगा। आप अमिताभ बच्चन को देखिये। कितनी मेहनत की लेकिन उसका आज नतीजा सामने है।

अभिषेक बच्चन ने भी बहुत मेहनत की लेकिन यहाँ पर उन्हें इतनी सोहरत नहीं मिल पाई जितनी अमिताभ बच्चन को मिली। हालाँकि अमिताभ बच्चन जितनी मेहनत शायद ही किसी सुपरस्टार ने की हो। लेकिन किस्मत भी कोई चीज होती है।

आपकी किस्मत बनना आपके हाथ में है। आप मेहनत करते जाइये किस्मत भी आपकी गुलाम बनती जाएगी। एक ट्रक के पीछे मैंने लिखा देखा था-

मेहनत जिसकी अच्छी किस्मत उसकी दासी, (Mehnat jiski acchi kismat uski dasi)

कर्म जिसके अच्छे तो घर में मथुरा काशी। (karam jiske acche to ghar me mathura kashi)

तो दोस्तों आप ये नहीं जान सकते कि आपकी किस्मत में क्या लिखा है लेकिन आप मेहनत करने से किस्मत को बदल सकते हैं। आप किसी भी बड़े लोग की जीवनी उठाकर देख लो। तभी आपको समझ आएगा कि मेहनत करने से ही किस्मत पलट सकती है और कोई दूसरी चीज नहीं है।

  1. बाबाओं पर अन्धविश्वास (Baba par andhvishwash) :Superstition in hindi

विश्वास करना अच्छी बात है लेकिन अन्धविश्वास करना बिलकुल गलत है। आज कल कुछ बाबा ना जाने क्या क्या उपाय बता देते हैं  कृपा बरसाने के। कमाल की बात है हम मेहनत नहीं करना चाहते, हम कर्म नहीं करना चाहते लेकिन बदले में इन बाबाओं की बातों में आकर निकम्मे बन जाते हैं और कर्म करना बंद कर देते हैं। जीवन में कभी भी निकम्मे मत बनिए। ऐसा काम क्यों करते हो कि लोग आपको गाली दें। एक सद्गुरु, या गुरु आपको रास्ता दिखा सकता है लेकिन उस पर खुद ही चलना पड़ता है। इसलिए सब चीजों को छोड़िये और अपने लक्ष्य पर ध्यान दीजिये।

  1. लक्ष्य पर से ध्यान हटना (laksy par se dhyan hatana) : Lose eyes on target

हमारा लक्ष्य पर से ध्यान बहुत ही जल्दी हट जाता है। आप किसी भी काम को शुरू करते  हैं लेकिन जब लोगों से मिलते हैं तो हमे लगता है कि इसका काम बढ़िया है। क्यों ना अपना काम छोड़कर इसके वाला काम किया जाये। और हम वही काम करने लग जाते हैं। जो काम वो कर रहा होता है। नतीजा क्या होता है?

Read : आखिर हम सफलता से दूर क्यों है?

नतीजा वही होना है जो होना होता है। गुड़ का गोबर करना। इसका अर्थ बना बनाया काम बिगड़ जाता है। हमारे हरियाणा में एक कहावत है। दूसरे की थाली में घी घणा दिखना। जिसका अर्थ है कि हमें हमेशा लगता है कि सामने वाला हमसे ज्यादा कमा रहा है और हमसे ज्यादा सफलता पाने वाला व्यक्ति है। जबकि ये एकदम गलत विचार है। आप अपने लक्ष्य पर से ध्यान कभी मत हटने दें।

  1. नेगेटिव थॉट्स(नकारात्मक विचार ) – Negative Thoughts in hindi

कई बार हम अपने आपको नकारात्मक विचारों से भर लेते हैं। जिन्हे नेगेटिव थॉट्स कहते हैं। हमारा मन करता है कि हमने गलत फैसला ले लिया जिससे हमें नुकसान होना पक्का है। और नुकसान हो ही जाता है। आप कोई भी काम करें जीवन में कभी भी नकारात्मक विचार मत लाइए। इसमें एक चीज ये भी आती है कई बार संसार में दूसरे लोग भी कान भर देते हैं। हमारी अच्छी खासी पवित्र और सकारात्मक सोच को नकारात्मक विचारों से भर देते हैं। लोग कहते हैं कि यार तूने ये काम शुरू ही क्यों किया? इस काम में कोई स्कोप नहीं है। ये है, वो है। आगे भविष्य नहीं है। उसकी बातों पर बिलकुल मत ध्यान दो। हर काम में भविष्य है अगर आप उसे ठीक ढंग से करते हैं, मेहनत से करते हैं। अगर वो भविष्य बताने वाला होता तो खुद का ही भविष्य बना लेता। इसलिए अपने दिमाग में दुसरो के कहने से और खुद के कहने से नेगेटिव विचार मत आने दो।

  1. हार मान लेना (haar maan lena) — Accept defeat in hindi

जीवन में कभी भी कितनी भी असफलता मिलने के बाद कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। अगर आपने हार मान ली तो जीत का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। आप हार गए तो सब कुछ बर्बाद हो गया, सब कुछ खराब हो गया। इस आर्टिकल के शुरू में मैंने एक किसान का उदाहरण दिया था कि कैसे एक किसान अपने जीवन में सफल नुकसान होने के बाद भी मेहनत करना नहीं छोड़ता है। इसी तरह से आप अपने लक्ष्य पर से बिना ध्यान हटाए मेहनत से काम कीजियेऐसा करने पर किस्मत आपकी दासी बनेगी और आपको सफलता मिलेगी

आपको ये ब्लॉग पसंद आया है तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कीजिये। और मेरा ब्लॉग like and share कीजिये। धन्यवाद!!

2 thoughts on “Why didn’t we get success in hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *