Ramkrishna Paramhans Story in hindi

Ramkrishna Paramhans Story in hindi

रामकृष्ण परमहंस की कहानी/प्रसंग

 

1 बार राम कृष्ण परम हंस(Ramkrishna Paramhansa) दक्षिनेश्वर में गंगा के तट पर बैठे थे। जब वो आ रहे थे तो कई साधक लोग ….वो ठाकुर को देखकर एकदम स्तंभित से रह गये …कुछ बोल नहीं पाये।

 

रामकृष्ण ठाकुर जी ने पूछा – क्या बात है?

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सबने कहा ठाकुर माफ करियेगा, कहीं हमारा राग ना हो जाये आप में ….पर आप आज बहुत सुंदर लग रहे हैं। राज़ बताओ …माजरा क्या है? रहस्य क्या है?

 

1..2 बार तो ठाकुर ने बात टाल दी लेकिन शिष्यों ने ज़िद की …कि हमें बताओ?
हमारे ठाकुर बताओ …आप सुंदर तो हैं मगर आज अति सुंदर दिख रहे हो ….कारण क्या ?

 

 

तो ठाकुर की आँखें डबडबा गई, बोले – आज सुबह सुबह गंगा के तट पर मैने सियाजू के दर्शन किये हैं, ये मेरी सुंदरता नहीं है।
ये ठाकुर के जीवन की घटना है साहब।

 


मोरारी बापू के शब्द 

मानस सिया 
जय सियाराम

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