Mohammad Paigambar Story in hindi

Mohammad Paigambar Story in hindi

मोहम्मद पैगंबर साहब की कहानी

मोरारी बापू ने मानस विभीषण राम कथा में मोहम्मद पैगंबर साहब के जीवन की 2 घटनाओं का वर्णन किया। मोरारी बापू कहते हैं कि

 

Mohammad Paigambar Story 1 in hindi : मोहम्मद पैगंबर की कहानी 1

तू निशान ए बेनिशान है ….तू बहारे शर्मदी है।
तुझे देखना इबादत …तेरी याद बंदगी है।
मेरा सिर वहाँ झुका है ….जहाँ खत्म बंदगी है।

मेरा जीवन ही बंदगी है …मुझे कहने दो। मोहम्मद पैगंबर साहब नमाज़ पढ़ते थे।

कैसा बड़ा तेजस्वी महापुरूष ….अल्लाह का पैगाम लाने वाला …घर घर पहुँचाने वाला ये आदमी ….उसके 2 नाती हसन और हुसैन। उनकी बेटी के बच्चे छोटे थे और उनकी नाना के साथ बहुत प्रीति।

मोहम्मद साहब 1 बार बंदगी के नियम के अनुसार नमाज़ पढ़ रहे थे। दोनों बच्चे मोहम्मद साहब की पीठ पर चढ़कर खेलने लगे। कभी लट खींचे, कान खींचे, कूदें और यहाँ नमाज़ चालू है।

नमाज़ पूरी हुई तो घर वालों को चिंता हुई कि अभी तक मोहम्मद साहब क्यूँ बाहर नहीं आये?

मोहम्मद साहब की नमाज़ तो पूरी हो गई थी लेकिन उन्होंने सोचा कि ऐसे झुका हूँ ज़रा सा हटूँगा तो बच्चों का खेल बिगड जायेगा। 1 घंटे तक उठे नहीं।

इसी तरह ज़िन्दगी और बंदगी जिसकी एक हो उसको ही पैगंबरी मिलती है।
जीवन भजन है।

 

Mohammad Paigambar Story 2 in hindi : मोहम्मद पैगंबर की कहानी 2

मोहम्मद पैगंबर साहब 1 बार बेटी को मिलने गये तो उसके घर के रेशमी परदे देखकर, जूते भी नहीं उतारे और वापिस लौटने लगे।

बेटी रोने लगी कि अब्बा आप आये और इस तरह वापिस क्यूँ जा रहे हो?

1 मस्जिद तक पहुँच गये पैगंबर साहब।

बच्चों को भेजा कि नाना चले क्यूँ गये?
बच्चे बोले – नाना, माँ रो रही है.. आप वापिस चलो।
तो बोले – तुम्हारी माँ को कहो कि फकीर की बेटी के घर की खिड़की के परदे रेशमी नहीं हुआ करते।

कितनी गरीबी निर्वस्त्र पड़ी है अर्बस्तान में और मेरी बेटी जो रेशमी परदे रखे तो भले मैं उसका बाप हूँ तो भी ना जाऊँ।

ऐसों के वचन ही पवित्र कुरान बनते हैं और हम ने अर्थ भेद करके …छोटे छोटे अर्थ करके …शास्त्र को शस्त्र बना दिया है। इसलिये मैं बहुत बार कहता हूँ कि मूल ग्रंथ को ही पढो …व्याख्या को बाजू में रखो। व्याख्या करने वाले अपनी अपनी जेब का डालकर लोगों को छलते हैं …फिर चाहे वो कोई भी धर्म हो।

मोरारी बापू के शब्द
मानस विभीषण
जय सियाराम

पढ़ें : आमिर खुसरो और निज़ामुद्दीन औलिया की कहानी

पढ़ें : मोरारी बापू के शब्द, वचन और वाक्य

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *