Guru Kisko Banaye

Guru Kisko Banaye?

गुरु/सद्गुरु कैसे ढूंढे?

गुरु की हमारे शास्त्रों में बड़ी महिमा है। गुरु एक शिष्य को सब कुछ बता देता है, जीवन जीना सीखा देता है। लेकिन हमारे सामने प्रश्न आता है कि गुरु कैसे बनायें? गुरु कैसे ढूंढे? यहाँ गुरु का अर्थ सद्गुरु से है।

मोरारी बापू बता रहे हैं कि

 

जिसके पास जाना अच्छा लगे और जिसके पास से लौटना कभी अच्छा ना लगे तो समझना इसमें कुछ है ……उसका आश्रय करना।

और ऐसा कोई व्यक्ति के रूप में ना मिले साहब तो किसी सदग्रंथ का आश्रय करना।

 

गुरू मिले तो उसका आश्रय करना और ऐसे लक्षणों वाला गुरू ना मिले तो हनुमानजी गुरूओं का भी गुरू है। ऐसा गुरू हनुमानजी को करो जो कभी तुमसे दक्षिणा ना माँगे, ना तुमको कभी डाँटे, उसको गुरू मानो तो कोई चिंता ही नहीं।

 

और उसमें भी नज़र ना आये तो मुझे तो इतना ही कहकर जाना है कि हरि नाम को गुरू मान लो…प्रभु का नाम।

मोरारी बापू के शब्द
मानस विभीषण
जय सियाराम

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