Radha Rani Ke bhakt ki pukar

Radha Rani ke Bhakt ki pukar

राधा रानी के भक्त की पुकार

मेरी राधा रानी ,

अब आपको खुद को सौंप दिया है। और क्या चाहिए – बोलो तो सही। आपमें और राम जी में यही कमी है कि आप बोलते नहीं हो। बस आँख झुकाकर देखते रहते हो। आप दोनों ही प्रेम में डूबे रहते हो। मेरी प्यारी किशोरी जी आज मेरा मन कहीं भी नहीं लग रहा है। क्या करूँ?

सब द्वारं को छाड़ के आयो तेरे द्वार, अहो वृषभानु की लाड़ली अब मेरी ओर निहार।।

मेरी प्यारी राधा रानी, अब तो देख लो ना, क्यों सता रही हो, क्यों मुझे तड़पा रही हो। एक बार तो आकर बात करो ना। आपकी कृपा तो सब पर होती है। तो हम पर भी कृपा करो ना।

आज सच्ची में मेरा मन टिक नहीं रहा है। इस मन का कोई तो उपाय करो ना। इसे अपने चरणों में बिठा लो ना। इसे कहीं भी जाने न दो ना। और किससे कहु अपने दिल की बात। एक आप ही तो हो तो जो मेरी सुनते हो।

जैसे एक माँ अपने बच्चे की हर बात, हर ज़िद्द पूरी करती है। हम तो आपसे ज़िद्द भी नहीं कर रहे हैं। अगर आप कहें तो मैं ज़िद्द करूँ। मैं रोऊँ। जिस तरह से आप कहोगे में करूँगा। जिस तरह से आप रखोगे मैं रहूँगा।
मैं या भी जनता हूँ कि आप सब कुछ जानते हो। मैं ये भी जानता हूँ कि आप सब कुछ सुन रहे हो। लेकिन हाँ, बस ये नहीं जानता हूँ कि आप सामने क्यों नहीं आ रहे हो। मेरा आपसे मिलने का मन है, दिल है। और हाँ वो कृष्ण भी आपके साथ आएं। जो आपके चरणों में लोट लगाते हैं। आखिर प्रेम की शुरुआत तो उन्ही से हुई थी ना। उन्हें कैसे भूल जाऊ वो भी आपही की तरह मुझको प्यारे हैं। वो भी अपने है और आप भी।

किशोरी जी आज एक बच्चे की तरह मेरा मन हो रहा है। कहीं भी टिक नहीं रहा है। ऐसे लग रहा है जैसे किसी चीज की कमी है। आपके होते हुए मुझे किसी चीज की कमी लगना ये ठीक बात नहीं। एक भक्त को ये सोभा नहीं देता कि भगवान के अलावा उसका मन अन्यत्र कहीं पर लगे या और कहीं पर जाये।

मैं आपसे सत्य कहता हूँ किशोरी जी आपके और प्यारे बांके बिहारी के चरणों के अलावा और मुझे कुछ भी नहीं चाहिए। आप मेरे इस कथन को अपनी कृपा की दृष्टि डालकर परम सत्य बना दीजिये।

हम संसार में सुख ढूंढ रहे हैं। क्या संसार में किसी को सुख मिला है क्या?

सिर्फ भगवान के भक्तों को सुख मिला है। और उन्हें तो दुःख में भी सुख मिला है किशोरी जी। क्योंकि आपका नाम साथ है आपकी याद साथ है। आपका नाम और आपकी याद के साथ साथ आप खुद भी तो साथ हो।

जो राधा नाम का आश्रय लेता है भगवान खुद उसके आगे पीछे रहकर उसकी रक्षा करते हैं। यदि कोई राधा नाम का रा शब्द कहता है तो भगवान श्री कृष्ण एकदम सतर्क हो जाते हैं किसी ने मेरी राधा के नाम के पहले शब्द का उच्चारण किया है। फिर धा शब्द बोलते ही भगवान श्री कृष्ण उस ओर दौड़ने लगते हैं जिसने राधा नाम बोला।

हे किशोरी जी आप आ जाओ ना आज। आपसे निवेदन है। और आप पर मेरा प्रेम भी है। ये आप भली भांति जानती भी हैं। एक बात बोलू-
आप तो भोली भाली हैं ना, आप तो चंचल नहीं हैं ना, आप नखरे भी नहीं करती हैं। तो फिर आप आ क्यों नहीं जाती। क्या बात है, कोई कमी है क्या मुझमे बिलकुल होगी। इंसान पूरा कब हो पाया है। कमी है तभी तो आप अपनाओगे, आपके अपनाते ही कमी पूरी हो जाएगी।

एक निवेदन है आपसे, एक गुजारिश है आपसे, एक प्रार्थना है आपसे, बस दर्शन दो, हमसे बात करो, अपने चरणों में सिमटा लो, लिपटा लो। मेरे अंदर इतनी सामर्थ्य नहीं कि मैंने आपके दर्शन पा सकूँ, आपके चरणों में लिपट के रो सकूँ लेकिन आप तो सब कुछ करने में समर्थ है ना!

हमें अब और किसी की जरुरत नहीं, मुझको चाहिए बस प्यार तेरा। हे प्यारे युगल रूप! मुझको चाहिए बस प्यार तेरा। हमे चाहिए बस प्यार तेरा!

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2 thoughts on “Radha Rani Ke bhakt ki pukar

  1. Dil chu liya is pray esa lag rha tha jese mere sbad chura liye ho apne mughe bhi radha krishan ji se milna plz help me

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