radha ashtami radha rani pic

Radha Ashtami 2017 : Shri Radha Rani

Radha Ashtami 2017 : Shri Radha Rani

राधा अष्टमी 2017 :  श्री राधा रानी 

 

श्री राधा रानी का जन्मोत्सव राधा अष्टमी का पवित्र दिन। राधा रानी तीनों लोगों की स्वामिनी हैं।

Read : राधा रानी के जन्म की कथा

कहा भी गया है –

राधे तू बड़भागिनी कठिन तपस्या कीन। तीन लोक तारन तरन सो तेरो आधीन॥

हे किशोरी जी, आपसे बड़े भाग्य वाला कौन हो, आप बड़भागी हो। आपने ऐसे कौनसी तपस्या की कि तीनों लोकों की आप स्वामिनी बन गई। सब कुछ आपके आधीन है। हर एक चीज आपकी गुलाम है, आपके सेवा में है। हे राधा रानी, हम पर भी कृपा कर दो ना।

श्री राधा रानी के नाम की भी बड़ी महिमा है। राधा रानी के बारे में कहूंगा राधा रानी सबसे प्यारी है। उनसे प्यारा ना कोई हुआ है, ना कोई है, और ना कोई होगा।

Read : राधा रानी के नाम की महिमा

श्री राधा रानी की कृपा भी बड़ी अद्भुत है। अगर आपके अंदर थोड़ा सा भी प्रेम, थोड़ी सी भी प्रीती है तो राधा रानी आपको अपने दरबार में आने के लिए जगह दे देती हैं। क्योंकि दरबार में राधा रानी के दुःख दर्द मिटाये जाते हैं। श्री किशोरी जी के नेत्र झुके हुए रहते हैं। वो अपनी सामने वाले से कुछ नहीं पूछती, सिर्फ उसका भाव, उसका प्रेम, चाहे वो कृष्ण जी के लिए ही हो, उसे अपने बालक की तरह गोद में ले लेती हैं।

Read : राधा रानी कौन है

राधा जी के बारे में आप क्या लिख, सकते हैं, क्या बोल सकते हैं, सब कुछ बहुत छोटा लगता है। बस आप तो युगल रूप के प्रेम का दर्शन करो। उनका एक बार नाम लेने से समस्त जीवन के पाप कट जाते हैं। छोड़ो ना यार ये तो बहुत छोटी बात है, यदि आपका प्रेम ठाकुर जी और ठकुरानी से है तो आपको कोई चिंता करने की जरुरत नहीं है। ये मुक्ति, मोक्ष, बहुत ही छोटी चीज है। प्रेम और भक्ति देते हैं वो आपको। जिसमें आपको भगवान को नहीं बुलाना पड़ेगा, बल्कि भगवान आपको बुलाएँगे, आपको याद करेंगे। गजब है भाई, बस आप प्रेम करो उनसे। प्रेम कैसे करना है? भगवान की लीला सुन लो, आपको भगवान से प्रेम हो जायेगा। भगवान के रूप को देख लो, आपको प्रेम हो जायेगा। एक बात गलती से श्रीधाम वृन्दावन में enter तो करलो, बस प्रेम हो जायेगा। ज्यादा कुछ मन्त्र जाप करने की जरूर नहीं है। राधा नाम ही महामंत्र है। बस एक राधा नाम।

 

अंत में ये पोस्ट पूरा करते हुए, पूज्य गुरुदेव गाते रहते है वो याद आ रहा है श्री राधा कृपा कटाक्ष। जिसमे किशोरी जी के नाम की महिमा, और उनकी महिमा, गाई है। अंत में किशोरी जी से प्रार्थना करते हैं हे किशोरी जी हम पर आप कृपा करें। जो संस्कृत और हिंदी में दी गई है। आप पढ़ें और जीवन में उतार लें बस।

श्री राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र : Shri Radha Kripa Kataksha Stotra

मुनीन्दवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणी, प्रसन्नवक्त्रपंकजे निकंजभूविलासिनी।
व्रजेन्दभानुनन्दिनी व्रजेन्द सूनुसंगते, कदा करिष्यसीह मां कृपा-कटाक्ष-भाजनम्॥ (१)

भावार्थ : समस्त मुनिगण आपके चरणों की वंदना करते हैं, आप तीनों लोकों का शोक दूर करने वाली हैं, आप प्रसन्नचित्त प्रफुल्लित मुख कमल वाली हैं, आप धरा पर निकुंज में विलास करने वाली हैं। आप राजा वृषभानु की राजकुमारी हैं, आप ब्रजराज नन्द किशोर श्री कृष्ण की चिरसंगिनी है, हे जगज्जननी श्रीराधे माँ! आप मुझे कब अपनी कृपा दृष्टि से कृतार्थ करोगी ?

जय जय श्री राधे !! जय जय श्री राधे !! जय जय श्री राधे !!

Read : राधा रानी के मुस्लिम भक्त गुलाब सखी की कहानी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *