Complete Shrimad Bhagavad Gita in hindi

Complete Shrimad Bhagavad Gita in hindi

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सम्पूर्ण श्रीमद भगवद गीता

कुरुक्षेत्र के मैदान पर कौरव सेना और पांडव सेना युद्ध के लिए तैयार खड़ी हैं। इसी बीच अर्जुन भगवान श्री कृष्ण से कहता है कि कृष्ण मेरा रथ आप दोनों सेनाओं के बीच में ले चलो। भगवान अर्जुन का रथ दोनों सेनाओं के बीच में ले जाते हैं। अर्जुन कौरव सेना को देखकर अपने हथियार डाल देता है कि मैं अपने प्रियजनों को कैसे मारूँगा। तब भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद भगवद गीता का उपदेश दिया। जिसमें 18 अध्याय हैं।

पहला अध्याय – अर्जुनविषादयोग , दूसरा अध्याय – सांख्ययोग , तीसरा अध्याय – कर्मयोग
चौथा अध्याय – ज्ञानकर्मसंन्यासयोग, पाँचवाँ अध्याय – कर्मसंन्यासयोग, छठा अध्याय – आत्मसंयमयोग
सातवाँ अध्याय – ज्ञानविज्ञानयोग, आठवाँ अध्याय – अक्षरब्रह्मयोग, नौवाँ अध्याय – राजविद्याराजगुह्ययोग
दसवाँ अध्याय – विभूतियोग, ग्यारहवाँ अध्याय – विश्वरूपदर्शनयोग, बारहवाँ अध्याय – भक्तियोग
तेरहवाँ अध्याय – क्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोग, चौदहवाँ अध्याय – गुणत्रयविभागयोग, पंद्रहवाँ अध्याय – पुरुषोत्तमयोग
सोलहवाँ अध्याय – दैवासुरसम्पद्विभागयोग, सत्रहवाँ अध्याय – श्रद्धात्रयविभागयोग , अठारहवाँ अध्याय – मोक्षसंन्यासयोग

इन सभी अध्यायों का सार नीचे आसान और सरल शब्दों में दिया जा रहा है।

 

Shrimad Bhagavad Gita in hindi  : शरीर और आत्मा क्या है —

जब अर्जुन युद्ध करने से मना कर देता है तब भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को समझते हैं कि जिन्हें तुम अपना समझ रहे हो वो वास्तव में शरीर और आत्मा से बनें हैं। ऐसा कहकर श्री कृष्ण अर्जुन को विस्तार से समझाने लग जाते हैं। विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  : मन क्या है और इसे कैसे वश में करें 

शरीर और आत्मा के बारे में बताने के बाद भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जिन्हें तुम लेकर इतने विचलित हो, ये सब तुम्हारे मन का खेल है अर्जुन। अपने मन को वश में करो। इस प्रकार भगवान ने अर्जुन को मन क्या है और इसे नियंत्रित कैसे किया जाता है ये सब समझाया। विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  : वैराग्य क्या है?

मन को वश में करने के बाद भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को वैराग्य के बारे में बताते हैं। रिश्तों से मोह छोड़कर तू कर्म कर और युद्ध कर। विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  : संसार की सच्चाई –

वैराग्य के बारे में बताकर भगवान अर्जुन को इस जगत की सच्चाई से अवगत करवाते हैं। भगवान अर्जुन को बताते हैं कि खाली हाथ आये और खाली हाथ जाना है अर्जुन। विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  : धर्म क्या है?

भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को बताते हैं कि धर्म क्या है। कौनसी स्थिति में व्यक्ति का कर्म कौनसा होना चाहिए। विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  : निष्काम कर्मयोग –

भगवान श्री कृष्ण बताते हैं कि अर्जुन तू निष्काम कर्मयोग को जीवन में धारण कर। इसे विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  : कर्म करो फल की चिंता न करो –

निष्काम कर्मयोग के बाद भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को कहते हैं कि अर्जुन तू हमेशा कर्म कर, फल की चिंता न कर। भगवान और अर्जुन की इस वार्ता को विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  : सतोगुण रजोगुण और तमोगुण :-

भगवान अर्जुन को सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण का विस्तार से वर्णन करते हैं। विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  : सुख दुःख क्या हैं –

भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को सुख और दुःख की असली परिभाषा समझते हैं। भगवान बताते हैं कि इस संसार में किसी को भी न तो स्थाई सुख प्राप्त होता है और ना ही दुःख। ये दोनों एक सिक्के के दो पहलू हैं। विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  : इन्दिर्यों पर काबू कैसे करें-

भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को मन पर काबू करने की विधि बताने के बाद बताते हैं कि इन्द्रियों पर काबू कैसे किया जा सकता है। विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  : मिथ्याचारी कौन होते हैं –

भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को सुंदर भगवद्गीता का ज्ञान देते हैं। इसमें भगवान को बता रहे हैं कि मिथ्याचारी कौन होते हैं। विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  : यज्ञ क्या होता है –

यज्ञ की असली परिभाषा भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को बताई है। भगवान ने बताया है कि केवल हवन में आहुति देना ही यज्ञ नहीं है बल्कि आप जो कर्म करो उसे पूरी तन्मयता के साथ करो वो भी यज्ञ ही है। विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  : स्थितप्रज्ञ क्या होता है –

भगवान अर्जुन को बताते हैं कि तुम अपना मन और बुद्धि स्थिर करो। स्थितप्रज्ञ व्यक्ति सब कुछ करने में सक्षम हो जाता है।विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  :  कर्मयोग क्या है ?

श्री कृष्ण अर्जुन को बताते हैं कि अर्जुन तू अपने जीवन में कर्मयोग को धारण कर। व्यक्ति का एक ही कर्म पुण्य भी बन सकता है और एक ही कर्म पाप भी। विस्तार से जानने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  :  कर्म, अकर्म और विकर्म –

भगवान अर्जुन को समझाते हैं कि कर्म, अकर्म और विकर्म क्या होते हैं। विस्तार से जानने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  :  ध्यान योग –

भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को बताते हैं कि ध्यान कैसे किया जाता है और ध्यान योग क्या है। विस्तार से जानने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  :  मरने के बाद क्या होता है –

भगवान अर्जुन को मृत्यु की और मरने के बाद क्या होता है ये पूरी प्रक्रिया समझाते हैं। विस्तार से जानने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  :   मोक्ष कैसे प्राप्त करें?

श्री कृष्ण अर्जुन को मृत्यु के बारे में बताते हैं कि तुम किस प्रकार जन्म मृत्यु के चक्कर से बचकर मोक्ष को प्राप्त कर सकते हो। विस्तार से जानने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  :  श्री कृष्ण का विराट रूप –

भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को अपना विराट रूप दिखाते हैं। विस्तार से जानने के लिए नीचे दिए हुए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  :   भगवान की माया से कैसे बचें –

भगवान कहते हैं अर्जुन मेरी माया बड़ी प्रबल है। तब अर्जुन पूछते हैं कि आपकी माया से पार कैसे पाया जा सकता है। भगवान भगवान अर्जुन को विस्तार से बताते हैं। जिसे पढ़ने के लिए नीचे दिए ब्लू लिंक पर क्लिक करें-

http://www.hindi-web.com/god/krishna/bhagwan-ki-maya-se-kaise-bachentaren/

 

 

Shrimad Bhagavad Gita in hindi  :  भगवान क्या चाहते हैं –

इतना सब बताने के बाद अर्जुन भगवान से पूछते हैं कि आप क्या चाहते हैं? तब भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को बताते हैं। इसे पढ़ने के लिए आप नीचे दिए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Shrimad Bhagavad Gita in hindi  :  श्रीमद भगवद गीता का अंतिम उपदेश –

इतना सब बताकर भगवान अर्जुन को अंतिम उपदेश देते हैं। इसे विस्तार से पढ़ने के लिए आप नीचे दिए ब्लू लिंक पर क्लिक करें –

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Read : – सम्पूर्ण कृष्ण लीला और कथा

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